स्वर्णिम भारत NEWS इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर सांवेर कस्बे में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया. यहां एक पुराने व अत्यंत जर्जर मकान को तोड़ने के दौरान पास की एक अन्य कमजोर दीवार अचानक भरभराकर मलबे सहित वहां काम कर रहे मजदूरों पर जा गिरी. इस भीषण दुर्घटना में 4 महिला श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.
घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अमला और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं. मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए प्रशासन द्वारा करीब तीन घंटे तक सघन राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया. घायलों को मलबे से निकालकर तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है.
"मृतक"
1.रीना पति लखन उम्र 30 साल जाती हरिजन निवासी संत रविदास मोहल्ला वार्ड नंबर 15 सांवेर
2.सीमा बाई पति भेरूलाल जाती हरिजन उम्र 33 साल निवासी सदर
3.चंदा बाई पति राहुल सुनवाया उम्र 30 साल निवासी सदर
4.सुशीला बाई पति रमेश चंद्र जाती चमार उम्र 50 साल लगभग निवासी कायस्थ खेड़ी कांकड़
"घायल जो रेफर हुए"
1.मंजू बाई पति सुनील सोलंकी जाती हरिजन उम्र 30 साल निवासी संत रविदास मोहल्ला वार्ड नंबर 15 सांवेर
2.सुंदर बाई पति मायाराम सुनवानिया उम्र 45 साल जाति हरिजन निवासी सदर
3.सुनील पिता प्रताप उम्र 25 साल निवासी कुक्षी
4.दिलीप पिता अमर सिंह उम्र 26 साल निवासी कुक्षी
"घायल जो सीएचसी सांवेर में एडमिट है "
1.संतोषी बाई पति मनोज उम्र 30 साल जाति हरिजन निवासी संत रविदास मोहल्ला वार्ड नंबर 15 सांवेर
इस दर्दनाक हादसे ने निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों में बरती जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच और चश्मदीदों के अनुसार, पूरे मामले में
ठेकेदार की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है,
क्योंकि बेहद संवेदनशील व कमजोर संरचना को गिराते समय सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे.
जिस मकान की दीवार ढही, वह भी पहले से ही अत्यंत जर्जर स्थिति में थी. हादसे की गंभीरता को देखते हुए
स्थानीय प्रशासन अब ठेकेदार के साथ-साथ संबंधित भवन स्वामियों की भूमिका की भी सघन जांच कर रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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